इंतज़ार

‘A state of the heart’ poem by hecblogger(Amit Agrawal)- English translation in Comments section…

Playing with words

दिल अभी भी वहीं पड़ा है
नाज़-ओ-अंदाज़ से तुमने
जहाँ किया था उसे तलब
सुनाया था अपना फरमान ।१।

सोचता है पड़ा बेचारा
वो दिन फिर से आएगा
याद तुम्हे जब आएगी
होंगे पूरे कुछ अरमान ।२।

डरता है कुछ कहने से
कहीं सुनकर भी तुमने
अनसुनी की उसकी फ़रयाद
क्या रहेगा उसका मान ।३।

क्या विकल्प है तुम्हीं कहो
अमित उस बेचारे के पास
तुम्हें दिखता है धीरज उसका
नहीं दिखता उसका अपमान ।४।

In response to:Reena’s Exploration Challenge #Week 57

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